मान मंदिर · Maan Mandir

मान मंदिर, बरसाना

बरसाना की चार चोटियों में से एक, मानगढ़ पर राधा के मान का मंदिर है। साठ बरस से ज़्यादा यह रमेश बाबा का घर भी रहा, और यहाँ बना उनका आश्रम, श्री मान मंदिर सेवा संस्थान, ब्रज की सबसे बड़ी गौशाला और मुफ़्त 84 कोस यात्रा चलाता है।

कथा

राधा का मान

कृष्ण चंद्रावली के कारण देर से आए, और राधा रूठ गईं। इस पहाड़ी पर कृष्ण ने मनाया, और सामने मोर कुटी पर मोर बनकर नाचे, तब जाकर मान टूटा। मान वह रूठना है जिसे केवल प्रेम मना सकता है।

संत

रमेश बाबा

1938 में जन्मे, 1954 में ब्रज आए और जीवन मानगढ़ पर बिताया: दिन में तीन बार सत्संग, ब्रज के कुंडों और पहाड़ियों का उद्धार, और गौशाला। 2019 में पद्मश्री। 6 अक्टूबर 2026 को 87 वर्ष की आयु में मान मंदिर में देहावसान।

आज

सत्संग और संकीर्तन

संस्थान रोज़ का सत्संग और कीर्तन जारी रखे है। सुबह के सत्संग के लिए 8 बजे तक आइए; शाम का कार्यक्रम 6 बजे से पहले शुरू होता है। बाबा के जाने के बाद समय बदल सकता है, पहुँचकर पूछ लीजिए।

दर्शन

जानकारी
समयसुबह 7 से रात 9 (भक्ति भारत); सुबह और शाम सत्संग
कहाँमानगढ़ की चोटी पर, गहवर वन के दक्षिण पश्चिम में; संस्थान का दफ़्तर गहवर वन में
चढ़ाईपत्थर की सीढ़ियाँ; यहाँ रोपवे नहीं है। चढ़ाई समेत एक घंटा रखिए
श्रीजी सेउन्हीं पहाड़ियों पर पास में; ज़्यादातर लोग परिक्रमा में पैदल आते हैं
संपर्क[email protected]

माताजी गौशाला

7 जुलाई 2007 को कुछ गायों से शुरू हुई मान मंदिर की गौशाला, बरसाना के पास, आज दसियों हज़ार गायों का घर है। संख्या संस्थान के अपने पन्नों पर भी अलग है, 23,000 से 50,000 से ऊपर तक; बाबा के जाने के बाद की एक रिपोर्ट ने लगभग 65,000 बताई। ज़मीन संस्थान 86 एकड़ बताता है, और कहीं लगभग 170 एकड़।

राधा रानी ब्रज यात्रा

1988 से हर कार्तिक में संस्थान 84 कोस ब्रज की मुफ़्त पैदल यात्रा कराता है: लगभग 40 दिन, रोज़ लगभग 12 किमी, गहवर वन में पूरी। 2026 की यात्रा 24 अक्टूबर से 28 नवंबर तक है। पंजीकरण vrajayatra.in पर, या फ़ोन +91 99271 94000, +91 99273 38666, +91 98370 14602।

जल्दी के जवाब

मान मंदिर, बरसाना

मान मंदिर बरसाना का समय क्या है?

सुबह 7 से रात 9 बजे तक। सुबह के सत्संग के लिए 8 बजे तक आइए; शाम का कार्यक्रम 6 बजे से पहले शुरू होता है।

बरसाना में मान मंदिर कहाँ है?

मानगढ़ की चोटी पर, जो बरसाना की चार चोटियों में से एक है, गहवर वन के दक्षिण पश्चिम में और श्रीजी मंदिर के पास। ऊपर सीढ़ियों से जाते हैं।

मान मंदिर की कथा क्या है?

कृष्ण चंद्रावली के कारण देर से आए तो राधा मान कर बैठीं। कृष्ण ने इस पहाड़ी पर मनाया, और सामने मोर कुटी पर मोर बनकर नाचे, तब राधा मानीं।

बरसाना के रमेश बाबा कौन थे?

मान मंदिर के संत, 1938 में जन्मे, 1954 में ब्रज आए। उन्होंने ब्रज के कुंडों और पहाड़ियों का उद्धार किया, माताजी गौशाला और मुफ़्त ब्रज यात्रा शुरू की, 2019 में पद्मश्री पाया, और 6 अक्टूबर 2026 को देह त्यागी।

माताजी गौशाला में कितनी गायें हैं?

दसियों हज़ार। संस्थान के पन्नों पर 23,000 से 50,000 से ऊपर तक, और अक्टूबर 2026 की एक रिपोर्ट में लगभग 65,000।

मान मंदिर से संपर्क कैसे करें?

ईमेल [email protected]। ब्रज यात्रा के लिए +91 99271 94000 पर फ़ोन कीजिए या vrajayatra.in पर पंजीकरण।

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