बरसाना परिक्रमा
परिक्रमा यानी किसी पवित्र स्थान को दाहिने रखते हुए उसके चारों ओर चलना। बरसाना में आप उन पहाड़ियों के चारों ओर चलते हैं जिन पर राधा पली बढ़ीं, और उनकी लीलाओं के स्थल एक के बाद एक आते हैं: सांकरी गली, वन, मान की पहाड़ी, पीली पोखर।
दो परिक्रमाएँ
| दूरी | पैदल | |
|---|---|---|
| बड़ी परिक्रमा | ब्रह्मांचल पर्वत के चारों ओर लगभग 7 किमी | धीरे चलें तो 2 से 3 घंटे |
| छोटी परिक्रमा | लगभग 4 किमी | लगभग एक घंटा |
दूरी मथुरा ज़िला प्रशासन के अनुसार। पुराने वर्णन पूरी परिक्रमा को चार मील बताते हैं।
रास्ते के स्थल
- श्रीजी और सीढ़ियों का नीचे का हिस्सा। ज़्यादातर लोग यहीं से शुरू और यहीं ख़त्म करते हैं, वृषभानु महल और अष्टसखी मंदिर पर।
- दान गढ़ और दान बिहारी मंदिर, जहाँ कृष्ण दान लेने वाले के रूप में पूजे जाते हैं।
- सांकरी खोर, दो पहाड़ियों के बीच की सँकरी गली, दूसरी ओर विलास गढ़।
- गहवर वन, कृष्ण कुंड और मोर कुटी वाला वन, जहाँ कृष्ण मोर बनकर नाचे।
- मान गढ़ और मान मंदिर, राधा के मान की पहाड़ी।
- पीली पोखर (प्रिया कुंड) और भानोखर, वृषभानु का कुंड, क़स्बे में लौटते हुए।
अलग अलग स्रोत इन्हें अलग क्रम में बताते हैं, और गलियाँ बरसों में बदली हैं। पहाड़ियों को दाहिने रखिए और पूछते चलिए: रास्ते का हर ब्रजवासी राह जानता है। प्रेम सरोवर, नंदगाँव रोड पर 2 किमी बाहर, पहाड़ी की परिक्रमा में नहीं आता; उसे गाड़ी से जोड़िए।
अच्छे से परिक्रमा
- पौ फटते ही शुरू कीजिए। रास्ता ठंडा रहता है और कीर्तन मंडलियाँ साथ चलती हैं। गर्मी में दिन चढ़ते ही ज़मीन तपने लगती है।
- नंगे पाँव एक परंपरा है, नियम नहीं। बहुत से ब्रजवासी नंगे पाँव चलते हैं; सूती मोज़े या सादी चप्पल ठीक है।
- भीड़ के दिन त्योहार, अधिक मास और कार्तिक हैं। आम दिन की सुबह सबसे शांत।
- साथ रखिए पानी और मंदिरों के लिए थोड़े पैसे। बारिश में वन का रास्ता कीचड़ वाला होता है।
84 कोस ब्रज यात्रा यहीं पूरी होती है
मान मंदिर सेवा संस्थान 1988 से हर कार्तिक में राधा रानी ब्रज यात्रा कराता है: पूरे 84 कोस ब्रज की लगभग 40 दिन की पैदल यात्रा, रोज़ लगभग 12 किमी, यात्रियों के लिए मुफ़्त, और यह बरसाना के गहवर वन में पूरी होती है। 2026 की यात्रा 24 अक्टूबर से 28 नवंबर तक है। पंजीकरण vrajayatra.in पर; फ़ोन +91 99271 94000।
किसी जानकार के साथ चलिए
बरसाना परिक्रमा
बरसाना की परिक्रमा कितने किलोमीटर की है?
पूरी परिक्रमा ब्रह्मांचल पर्वत के चारों ओर लगभग 7 किमी है और पैदल 2 से 3 घंटे लगते हैं। छोटी परिक्रमा लगभग 4 किमी, लगभग एक घंटा।
बरसाना परिक्रमा कहाँ से शुरू होती है?
ज़्यादातर लोग श्रीजी (राधा रानी मंदिर) की सीढ़ियों के नीचे से शुरू करके वहीं ख़त्म करते हैं। पहाड़ियों को दाहिने रखिए।
बरसाना परिक्रमा में कौन से स्थल आते हैं?
श्रीजी और वृषभानु महल, दान गढ़, सांकरी खोर, विलास गढ़, कृष्ण कुंड और मोर कुटी वाला गहवर वन, मान गढ़ और मान मंदिर, पीली पोखर और भानोखर।
क्या परिक्रमा नंगे पाँव करनी होती है?
नहीं। बहुत से ब्रजवासी परंपरा से नंगे पाँव चलते हैं, पर मोज़े या सादी चप्पल ठीक है।
बरसाना परिक्रमा का सबसे अच्छा समय?
सुबह जल्दी, अक्टूबर से मार्च। त्योहार, अधिक मास और कार्तिक में सबसे ज़्यादा भीड़ रहती है।
2026 में राधा रानी ब्रज यात्रा कब है?
24 अक्टूबर से 28 नवंबर 2026, मान मंदिर सेवा संस्थान की ओर से। यात्रा मुफ़्त है; पंजीकरण vrajayatra.in पर।
हम योजना भेजते हैं, ब्रोशर नहीं
कब आ रहे हैं और कितने लोग हैं, बस इतना बताइए। श्रीजी तक की सही दूरी और तय दाम के साथ दो या तीन विकल्प मिलेंगे। त्योहार के दिनों में दाम नहीं बढ़ते।
- शून्य कमीशन। यह लाडली जी के भक्तों के लिए हमारी सेवा है।
- एक दिन के अंदर जवाब, अक्सर कुछ घंटों में
- हमारे ज़रिये बुक करने पर ठहरने का दाम वॉक-इन से 10% कम
- त्योहार के दिनों में हर समूह के साथ एक स्थानीय साथी
- वीआईपी दर्शन का कोई वादा नहीं, क्योंकि श्रीजी में ऐसा कुछ है ही नहीं
या व्हाट्सऐप पर संदेश भेजें: +91 76783 47260